JMS World School में सीबीएसई ‘आर्ट इंटीग्रेशन’ कार्यशाला: समूह गतिविधियों के जरिए शिक्षकों ने सीखे प्रभावी शिक्षण के गुर

हापुड़। जेएमएस वर्ल्ड स्कूल में आयोजित सीबीएसई के ‘कैपेसिटी बिल्डिंग प्रोग्राम’ (आर्ट इंटीग्रेशन) में व्यावहारिक एवं अनुभवात्मक शिक्षण पर विशेष जोर दिया गया। सीबीएसई के नियमानुसार शिक्षकों के प्रतिवर्ष अनिवार्य 50 घंटे के व्यावसायिक प्रशिक्षण के तहत आयोजित इस कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य अध्यापकों को यह सिखाना था कि वे अपनी कक्षाओं में समूह गतिविधियों (Group Activities) का प्रभावी ढंग से संचालन कैसे कर सकते हैं।
कार्यशाला की मुख्य रिसोर्स पर्सन-मदरलैंड पब्लिक स्कूल (लोणी) की प्रधानाचार्या श्रीमती गीता शर्मा एवं श्रीमती पूजा शर्मा ने प्रतिभागी शिक्षकों को विभिन्न रोचक समूह गतिविधियों में व्यस्त रखा। शिक्षकों ने स्वयं समूहों में बंटकर आर्ट-इंटीग्रेटेड मॉडल, विषय- आधारित नाटक (Role Play), पोस्टर मेकिंग और सहयोगात्मक प्रोजेक्ट तैयार किए। इन गतिविधियों के माध्यम से यह प्रदर्शित किया गया कि कैसे जटिल से जटिल शैक्षणिक विषयों (जैसे गणित, विज्ञान व भाषा) को कलात्मक व समूह गतिविधियों से जोड़कर विद्यार्थियों के लिए रुचिकर और सुगम बनाया जा सकता है।

विद्यालय के प्रबंध निदेशक डॉ. आयुष सिंघल एवं सचिव डॉ. रोहन सिंघल ने कहा कि जब शिक्षक स्वयं गतिविधियों के माध्यम से सीखते हैं, तो वे अपनी कक्षाओं में भी छात्रों के लिए अधिक जीवंत और इंटरैक्टिव वातावरण तैयार कर पाते हैं।
विद्यालय की प्रधानाचार्या डॉ. निधि मलिक ने बताया कि NEP 2020 के तहत कक्षा शिक्षण को ‘लर्निंग बाय डूइंग’ (करके सीखना) पर केंद्रित करना आवश्यक है। ऐसी समूह गतिविधियां न केवल विद्यार्थियों की समझ को गहरा बनाती हैं, बल्कि उनमें टीमवर्क, नेतृत्व क्षमता और रचनात्मकता का भी विकास करती हैं।
कार्यशाला में जेएमएस वर्ल्ड स्कूल के साथ दर्शना एकेडमी (पिलखुआ) एवं सेंट एंथनी स्कूल (फरीदाबाद) सहित विभिन्न सीबीएसई विद्यालयों के शिक्षकों ने सहभागिता की। कार्यक्रम को सुचारू रूप से संपन्न कराने में कार्यशाला संयोजकों श्री राकेश शर्मा, श्री लवलेश एवं सुश्री सुमेरा का विशेष योगदान रहा।



