विश्व पर्यावरण दिवस पर हापुड़ में रिकॉर्ड वृक्षारोपण, एक दिन में लगाए गए 1.95 लाख पौधे

एडिटर इन चीफ: राजकुमार शर्मा
हापुड़। विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर शुक्रवार को जनपद हापुड़ में व्यापक स्तर पर वृक्षारोपण अभियान चलाया गया। जिले के विभिन्न विभागों के संयुक्त प्रयास से एक ही दिन में कुल 1 लाख 95 हजार पौधे रोपित किए गए। इस दौरान पर्यावरण संरक्षण, हरित विकास और जनजागरूकता से जुड़े कई कार्यक्रम भी आयोजित किए गए।
वृक्षारोपण अभियान में वन विभाग, ग्राम्य विकास विभाग, पंचायती राज विभाग, कृषि विभाग, उद्यान विभाग और नगर विकास विभाग ने सक्रिय भागीदारी निभाई। ग्राम्य विकास विभाग ने सर्वाधिक 1 लाख 23 हजार पौधे लगाए, जबकि कृषि विभाग ने 31 हजार, उद्यान विभाग ने 21 हजार, पंचायती राज विभाग ने 8 हजार, वन विभाग ने 7 हजार और नगर विकास विभाग ने 5 हजार पौधों का रोपण किया।
अभियान का मुख्य कार्यक्रम कुराना टोल प्लाजा पर आयोजित किया गया, जहां हापुड़ विधायक विजयपाल आढ़ती ने पाकड़ का पौधा लगाकर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। इस अवसर पर पर्यावरण संरक्षण पर गोष्ठी का आयोजन भी हुआ। कार्यक्रम में प्रभागीय वनाधिकारी गौतम सिंह, क्षेत्रीय वन अधिकारी प्रवेश कुमार सहित वन विभाग के अधिकारी, कर्मचारी, ग्राम प्रधान और स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे।
दूसरा प्रमुख कार्यक्रम गढ़मुक्तेश्वर स्थित बायोडायवर्सिटी पार्क में आयोजित किया गया। इसमें गढ़मुक्तेश्वर विधायक हरेंद्र तेवतिया ने भाग लिया। वहीं बृजघाट पर जिला गंगा समिति के तत्वावधान में ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत पौधारोपण, जनजागरूकता रैली, गंगा घाट सफाई अभियान, शपथ कार्यक्रम और पर्यावरण गोष्ठी का आयोजन किया गया।

तीसरा मुख्य कार्यक्रम कुलपुर ग्राम समाज क्षेत्र में आयोजित हुआ, जहां वन विभाग द्वारा एक साथ 7 हजार पौधे लगाए गए। इस दौरान पर्यावरण संरक्षण को लेकर लोगों को जागरूक किया गया और अधिक से अधिक पौधे लगाने का संदेश दिया गया।
जिले के विभिन्न सरकारी कार्यालयों, विद्यालयों और सार्वजनिक स्थलों पर भी वृक्षारोपण कार्यक्रम आयोजित किए गए। अधिकारियों ने लोगों से पौधे लगाने के साथ-साथ उनकी देखभाल करने की भी अपील की।

विश्व पर्यावरण दिवस पर आयोजित इस अभियान ने जिले में हरियाली बढ़ाने और पर्यावरण संरक्षण के प्रति जनभागीदारी को मजबूत करने का संदेश दिया। प्रशासन ने उम्मीद जताई कि लगाए गए पौधों की उचित देखभाल से भविष्य में जिले का पर्यावरण और अधिक समृद्ध होगा।



