हापुड़ को मिली नई DM कविता मीणा, DM अभिषेक पांडेय का कार्यकाल बना मिसाल

हापुड़। वर्ष 2011 में गाजियाबाद से अलग होकर हापुड़ एक स्वतंत्र जिला बना। तब से लेकर अब तक यहां 16 जिलाधिकारी अपनी सेवाएं दे चुके हैं। हाल ही में कविता मीणा ने जिले की 17वीं जिलाधिकारी के रूप में कार्यभार संभाला है। उनके सामने प्रशासनिक कार्यों को आगे बढ़ाने और जनहित से जुड़े मुद्दों को प्राथमिकता देने की चुनौती है।
इन सभी अधिकारियों के बीच एक नाम ऐसा है, जिसे हापुड़ की जनता लंबे समय तक याद रखेगी— अभिषेक पांडेय। उन्होंने महज 363 दिनों के अपने कार्यकाल में प्रशासनिक जिम्मेदारियों को संवेदनशीलता और मानवीय दृष्टिकोण के साथ निभाया। आम जनता की समस्याओं को सुनना और उनका त्वरित समाधान करना उनकी कार्यशैली की पहचान बन गया।
अभिषेक पांडेय के कार्यकाल में कई जनकल्याणकारी पहलें देखने को मिलीं। उन्होंने न केवल विकास कार्यों को गति दी, बल्कि प्रशासन और जनता के बीच विश्वास का मजबूत सेतु भी बनाया। उनके प्रयासों से आम नागरिकों को यह महसूस हुआ कि प्रशासन उनकी समस्याओं के प्रति गंभीर और उत्तरदायी है।
अब नई जिलाधिकारी कविता मीणा से भी जनता को इसी तरह की अपेक्षाएं हैं कि वे जिले के विकास को नई दिशा देंगी और जनसमस्याओं के समाधान में सक्रिय भूमिका निभाएंगी। हापुड़ जैसे तेजी से विकसित होते जिले में प्रशासन की भूमिका और भी महत्वपूर्ण हो जाती है।
समय के साथ अधिकारी बदलते रहते हैं, लेकिन कुछ कार्य और फैसले ऐसे होते हैं, जो लंबे समय तक याद रखे जाते हैं। हापुड़ की जनता के लिए अभिषेक पांडेय का कार्यकाल उसी श्रेणी में शामिल हो गया है, जिसने प्रशासनिक सेवा को एक मानवीय रूप में प्रस्तुत किया।



