अक्षय तृतीया पर हरिद्वार में आस्था का सैलाब, गंगा तटों पर उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़

हरिद्वार। पावन पर्व अक्षय तृतीया के अवसर पर धर्मनगरी हरिद्वार में आस्था का अद्भुत दृश्य देखने को मिला। सुबह ब्रह्ममुहूर्त से ही गंगा घाटों पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। देश के विभिन्न हिस्सों से पहुंचे भक्तों ने गंगा में स्नान कर पुण्य लाभ अर्जित किया और विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर दान-पुण्य किया।
मान्यता है कि अक्षय तृतीया के दिन किया गया स्नान, दान और जप-तप अक्षय फल देता है। इसी विश्वास के चलते हजारों की संख्या में श्रद्धालु हर की पैड़ी समेत प्रमुख घाटों पर पहुंचे। “हर-हर गंगे” और “जय गंगा मैया” के जयकारों से पूरा वातावरण भक्तिमय हो उठा। गंगा स्नान के बाद लोगों ने मंदिरों में दर्शन कर अपने परिवार की सुख-समृद्धि और कल्याण की कामना की।
श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए थे। पुलिस बल और जल पुलिस के जवान घाटों पर तैनात रहे, ताकि किसी प्रकार की अव्यवस्था या हादसे की स्थिति न बने। इसके साथ ही सीसीटीवी कैमरों के जरिए भी निगरानी रखी गई। स्वास्थ्य विभाग की टीमें भी अलर्ट पर रहीं, ताकि किसी आपात स्थिति में तुरंत सहायता उपलब्ध कराई जा सके।
स्थानीय पंडितों और धार्मिक विद्वानों के अनुसार अक्षय तृतीया का विशेष महत्व है, क्योंकि इस दिन किए गए पुण्य कार्य कभी समाप्त नहीं होते। यही कारण है कि लोग इस दिन स्नान, दान और पूजा को विशेष महत्व देते हैं। कई श्रद्धालुओं ने गरीबों को अन्न, वस्त्र और धन का दान भी किया।
व्यापारियों के लिए भी यह दिन खास रहा। पूजन सामग्री, प्रसाद और धार्मिक वस्तुओं की दुकानों पर अच्छी खासी भीड़ देखने को मिली। इससे स्थानीय कारोबार में भी तेजी आई।
हरिद्वार में अक्षय तृतीया का पर्व श्रद्धा, भक्ति और उल्लास के साथ मनाया गया, जहां गंगा तटों पर उमड़ी भीड़ ने इस दिन को और भी खास बना दिया।



