धौलाना क्षेत्र में अवैध मिट्टी खनन पर उठे सवाल, कार्रवाई की मांग तेज

एडिटर इन चीफ राजकुमार शर्मा
हापुड़। जनपद हापुड़ की धौलाना तहसील में अवैध मिट्टी खनन को लेकर एक बार फिर सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय लोगों और सामाजिक कार्यकर्ताओं का आरोप है कि क्षेत्र में खनन गतिविधियां लगातार बढ़ रही हैं, जिससे सरकारी राजस्व को नुकसान पहुंचने के साथ-साथ पर्यावरण पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि खनन के लिए सीमित क्षेत्र और निर्धारित गहराई तक मिट्टी निकालने की अनुमति ली जाती है, लेकिन कई मामलों में निर्धारित सीमा से अधिक खनन किए जाने की शिकायतें सामने आती रही हैं। आरोप है कि अनुमति की आड़ में बड़े पैमाने पर मिट्टी निकाली जाती है, जिससे खनन माफियाओं को आर्थिक लाभ होता है।
सामाजिक कार्यकर्ताओं का दावा है कि मिट्टी परिवहन के लिए जारी किए जाने वाले रवन्नों का भी कई बार दुरुपयोग किया जाता है। उनका आरोप है कि कुछ वाहनों के लिए अनुमति लेने के बाद उससे अधिक संख्या में वाहन संचालित किए जाते हैं। हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है।
क्षेत्र के लोगों का कहना है कि जब भी अवैध खनन की शिकायत संबंधित विभागों या प्रशासनिक अधिकारियों से की जाती है, तब अस्थायी रूप से गतिविधियां बंद हो जाती हैं, लेकिन कुछ समय बाद फिर शुरू हो जाती हैं। लोगों ने प्रशासन से नियमित निगरानी और प्रभावी कार्रवाई की मांग की है।
स्थानीय निवासियों ने यह भी बताया कि पूर्व में ग्रामीणों और सामाजिक संगठनों ने स्वयं आगे बढ़कर कई संदिग्ध डंपरों को रोककर प्रशासन को सूचना दी थी, जिसके बाद अधिकारियों ने कार्रवाई की थी। उनका कहना है कि यदि समय-समय पर प्रभावी जांच और निगरानी हो, तो अवैध खनन पर काफी हद तक रोक लगाई जा सकती है।
पर्यावरण विशेषज्ञों का मानना है कि अनियंत्रित खनन से कृषि भूमि, जल स्तर और पर्यावरण संतुलन पर नकारात्मक असर पड़ सकता है। इसलिए खनन नियमों का सख्ती से पालन कराया जाना आवश्यक है।
क्षेत्रवासियों ने जिला प्रशासन और संबंधित विभागों से मांग की है कि धौलाना क्षेत्र में खनन गतिविधियों की निष्पक्ष जांच कराई जाए तथा यदि कहीं अनियमितता पाई जाए तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।



