सिंभावली में किसानों की हुंकार, भाकियू (टिकैत) ने दी बड़े आंदोलन की चेतावनी

प्रभारी : योगेश कुमार शर्मा
हापुड़। जनपद के सिंभावली क्षेत्र में किसानों की समस्याओं को लेकर Bharatiya Kisan Union (टिकैत गुट) ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। संगठन की ओर से लगाए गए बड़े बैनरों और चेतावनी संदेशों ने क्षेत्र की राजनीति को भी गरमा दिया है।
किसान संगठन ने गन्ना भुगतान, बिजली संकट, आवारा पशुओं और किसानों पर बढ़ते बैंक ऋण जैसे मुद्दों को प्रमुखता से उठाते हुए सरकार से जल्द समाधान की मांग की है। संगठन का कहना है कि यदि किसानों की समस्याओं का समाधान नहीं किया गया तो बड़ा आंदोलन शुरू किया जाएगा।
भाकियू के राष्ट्रीय प्रवक्ता और राष्ट्रीय उपाध्यक्ष कुशल पाल आर्य ने कहा कि किसान लगातार आर्थिक संकट से जूझ रहा है। खेती की लागत बढ़ती जा रही है, लेकिन किसानों को उनकी फसलों का उचित मूल्य नहीं मिल पा रहा। उन्होंने आरोप लगाया कि गन्ना किसानों का भुगतान समय पर नहीं हो रहा, बिजली कटौती से सिंचाई प्रभावित हो रही है और आवारा पशु किसानों की फसलें बर्बाद कर रहे हैं।
संगठन की प्रमुख मांगों में गन्ना भुगतान जल्द जारी करना, बढ़ते बिजली बिलों और कटौती पर रोक लगाना, आवारा पशुओं से फसलों की सुरक्षा सुनिश्चित करना, किसानों के बैंक ऋण का समाधान और आलू की सरकारी खरीद शुरू करना शामिल है।
स्थानीय किसानों ने भी संगठन के समर्थन में आवाज उठाई। किसानों का कहना है कि मौजूदा हालात में खेती घाटे का सौदा बनती जा रही है। ऐसे में किसान यूनियन का आंदोलन उनके लिए उम्मीद की किरण बनकर सामने आया है।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश में किसान मुद्दे हमेशा प्रभावशाली रहे हैं। ऐसे में भाकियू (टिकैत) की सक्रियता आने वाले समय में बड़े आंदोलन का रूप ले सकती है। फिलहाल प्रशासन की ओर से इस मामले पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है, लेकिन किसान संगठन के तेवरों ने सरकार की चिंता बढ़ा दी है।



