अभिषेक बनर्जी की बढ़ीं मुश्किलें, 550 करोड़ रुपये के कथित भ्रष्टाचार मामले में दो F.I.R दर्ज

कोलकाता। तृणमूल कांग्रेस (TMC) के राष्ट्रीय महासचिव और सांसद अभिषेक बनर्जी की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं। उनके संसदीय क्षेत्र डायमंड हार्बर में 550 करोड़ रुपये के कथित भ्रष्टाचार के आरोपों को लेकर दो अलग-अलग एफआईआर दर्ज की गई हैं। इस मामले के सामने आने के बाद बंगाल की राजनीति में हलचल तेज हो गई है।
जानकारी के अनुसार, पहली एफआईआर दक्षिण 24 परगना जिले के कालीतला थाने में दर्ज कराई गई है। इसमें करीब 300 करोड़ रुपये की मिट्टी चोरी के आरोप लगाए गए हैं। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि क्षेत्र में बड़े पैमाने पर अवैध तरीके से मिट्टी का उठाव किया गया, जिससे सरकारी राजस्व को भारी नुकसान पहुंचा।
वहीं दूसरी एफआईआर जिले के विष्णुपुर थाने में दर्ज की गई है। इसमें वर्ष 2020 में आए चक्रवात ‘एम्फन’ के दौरान राहत सामग्री वितरण में करीब 250 करोड़ रुपये के कथित भ्रष्टाचार का आरोप लगाया गया है। शिकायतकर्ताओं ने राहत कार्यों में अनियमितताओं और सरकारी धन के दुरुपयोग की जांच की मांग की है।
एफआईआर दर्ज होने के बाद राज्य की सियासत गरमा गई है। विपक्षी दलों ने मामले की निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। विपक्ष का कहना है कि जनता के पैसे से जुड़े मामलों में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जानी चाहिए।
हालांकि, टीएमसी की ओर से अभी तक इन आरोपों पर कोई विस्तृत प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। पार्टी नेताओं का कहना है कि राजनीतिक दबाव बनाने के लिए इस तरह के आरोप लगाए जा रहे हैं।
पुलिस और संबंधित जांच एजेंसियों ने मामले की जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों के अनुसार, शिकायतों से जुड़े दस्तावेजों, वित्तीय रिकॉर्ड और अन्य साक्ष्यों की जांच की जाएगी। जांच के बाद ही पूरे मामले की वास्तविक स्थिति सामने आएगी।
इस घटनाक्रम ने पश्चिम बंगाल की राजनीति में एक बार फिर भ्रष्टाचार और प्रशासनिक पारदर्शिता को लेकर बहस तेज कर दी है। आने वाले दिनों में इस मामले पर राजनीतिक बयानबाजी और जांच की दिशा पर सभी की नजर रहेगी।



