हापुड़ में खाकी पर सवाल: न्याय मांगने गई विधवा के बेटे की पिटाई का आरोप, जांच की मांग तेज

हापुड़/सिम्भावली। सिम्भावली थाना क्षेत्र के वैठ मोड़ चौकी से जुड़ा एक मामला पुलिस की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है। 25 अप्रैल की इस घटना में एक विधवा महिला ने चौकी इंचार्ज राजबीर सिंह पर गंभीर आरोप लगाए हैं, जिससे इलाके में चर्चा और आक्रोश का माहौल बन गया है।
पीड़िता के अनुसार, वह दबंगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर चौकी पहुंची थी, लेकिन उसकी शिकायत पर कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। महिला का आरोप है कि उसे न्याय देने के बजाय टाल दिया गया। इससे निराश होकर वह अपने घर लौट आई।
आरोप है कि उसी रात चौकी इंचार्ज अपने कुछ साथियों के साथ पीड़िता के घर पहुंचे और उसके 14 वर्षीय बेटे के साथ मारपीट की। महिला का दावा है कि उसके बेटे को बेरहमी से पीटा गया और परिवार पर पहले दी गई तहरीर वापस लेने का दबाव बनाया गया। घटना के बाद से पीड़ित परिवार भय के साये में जी रहा है।
इस घटना के सामने आने के बाद स्थानीय लोगों में नाराजगी बढ़ गई है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि आरोप सही हैं तो यह पुलिस की छवि पर बड़ा सवाल है और ऐसे मामलों में निष्पक्ष जांच बेहद जरूरी है। उन्होंने प्रशासन से दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
फिलहाल हापुड़ पुलिस की ओर से इस मामले में आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है, लेकिन सूत्रों के अनुसार मामले की जांच शुरू कर दी गई है। वरिष्ठ अधिकारी पूरे घटनाक्रम की जानकारी जुटा रहे हैं और संबंधित पक्षों से पूछताछ की जा रही है।
यह मामला एक बार फिर यह सवाल खड़ा करता है कि क्या आम नागरिक, विशेषकर कमजोर वर्ग, पुलिस से न्याय की उम्मीद कर सकता है। यदि आरोपों की पुष्टि होती है, तो यह न केवल संबंधित अधिकारियों पर कार्रवाई का कारण बनेगा, बल्कि पुलिस तंत्र की कार्यप्रणाली पर भी गंभीर बहस छेड़ सकता है।



