गढ़मुक्तेश्वर तहसील पर किसानों के गंभीर आरोप, प्राइवेट कर्मचारियों पर रिश्वत मांगने का दावा

सिंभावली प्रभारी योगेश कुमार शर्मा
हापुड़/गढ़मुक्तेश्वर, 15 जून। जनपद हापुड़ की गढ़मुक्तेश्वर तहसील एक बार फिर चर्चाओं में आ गई है। क्षेत्र के किसानों ने तहसील परिसर स्थित आरके ऑफिस में कार्यरत प्राइवेट कर्मचारियों पर सरकारी कार्यों के बदले रिश्वत मांगने के गंभीर आरोप लगाए हैं।
किसानों का कहना है कि दाखिल-खारिज, रिकॉर्ड संशोधन और अन्य राजस्व संबंधी कार्यों के लिए उन्हें लंबे समय तक तहसील के चक्कर लगाने पड़ते हैं। आरोप है कि बिना सुविधा शुल्क दिए फाइलों पर कार्रवाई आगे नहीं बढ़ाई जाती, जिससे आम किसान और ग्रामीण परेशान हैं।
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि तहसील में सरकारी अभिलेखों और दस्तावेजों से जुड़े महत्वपूर्ण कार्यों की जिम्मेदारी प्राइवेट व्यक्तियों को दे दी गई है। यह लोग कार्यालय में बैठकर सरकारी कामकाज से जुड़े कार्यों में हस्तक्षेप कर रहे हैं।
किसानों के अनुसार, आरके ऑफिस में तैनात प्राइवेट कर्मचारियों के कारण आम लोगों को परेशानी उठानी पड़ रही है। उन्होंने यह भी कहा कि न्यायिक तहसीलदार अक्सर कोर्ट की कार्यवाही में व्यस्त रहते हैं, जिसके चलते कार्यालय की व्यवस्थाओं पर प्रभावी निगरानी नहीं हो पा रही है।
ग्रामीणों का कहना है कि तहसील में बढ़ती कथित रिश्वतखोरी से जनता में नाराजगी बढ़ रही है। इसके बावजूद जिम्मेदार अधिकारियों द्वारा अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। किसानों ने आरोप लगाया कि प्राइवेट कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं होने से उनके हौसले बुलंद हैं।
किसानों ने जिलाधिकारी हापुड़ से पूरे मामले की जांच कराने की मांग की है। उन्होंने मांग की है कि तहसील में कार्यरत प्राइवेट व्यक्तियों को हटाया जाए और यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।
किसानों का कहना है कि तहसील प्रशासन की कार्यप्रणाली में पारदर्शिता लाकर ही आम जनता को राहत मिल सकती है।
वहीं, इस मामले में तहसील प्रशासन और संबंधित अधिकारियों का पक्ष जानने का प्रयास किया गया, लेकिन समाचार लिखे जाने तक संपर्क नहीं हो सका। अब जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो पाएगी।।



