UP में स्मार्ट प्रीपेड मीटर पर ब्रेक: CM योगी ने लगाई 10 दिन की रोक, रिपोर्ट तलब

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में स्मार्ट प्रीपेड बिजली मीटर लगाने की प्रक्रिया पर फिलहाल विराम लग गया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पुराने मीटरों को बदलकर स्मार्ट प्रीपेड मीटर लगाने की चल रही प्रक्रिया पर दस दिनों के लिए रोक लगाने के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही उन्होंने संबंधित अधिकारियों से इस पूरी योजना पर विस्तृत रिपोर्ट भी तलब की है।
सरकार के इस फैसले से प्रदेश के लाखों बिजली उपभोक्ताओं को अस्थायी राहत मिली है। पिछले कुछ समय से कई जिलों में स्मार्ट मीटर लगाने को लेकर उपभोक्ताओं की शिकायतें सामने आ रही थीं। लोगों का कहना था कि इन मीटरों के लगने के बाद बिजली बिल अधिक आ रहे हैं और रिचार्ज सिस्टम को लेकर भी असुविधा हो रही है। इन शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए मुख्यमंत्री ने हस्तक्षेप किया और तत्काल प्रभाव से प्रक्रिया रोकने का आदेश दिया।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे स्मार्ट प्रीपेड मीटर से जुड़े सभी पहलुओं की गहन समीक्षा करें। इसमें तकनीकी खामियां, बिलिंग प्रणाली, उपभोक्ताओं की समस्याएं और पारदर्शिता जैसे मुद्दों को प्रमुखता से शामिल किया जाएगा। साथ ही यह भी जांच की जाएगी कि कहीं मीटर लगाने में कोई अनियमितता या लापरवाही तो नहीं बरती गई।
ऊर्जा विभाग के अधिकारियों का कहना है कि सरकार उपभोक्ताओं के हितों के प्रति पूरी तरह संवेदनशील है। यदि कहीं कोई कमी पाई जाती है, तो उसे दूर करने के बाद ही आगे की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। फिलहाल, पुराने मीटर ही चालू रहेंगे और उपभोक्ताओं को किसी प्रकार की परेशानी न हो, इसके लिए विशेष निर्देश जारी किए गए हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि स्मार्ट मीटर भविष्य की जरूरत हैं, लेकिन इन्हें लागू करने से पहले तकनीकी और व्यावहारिक स्तर पर पूरी तैयारी जरूरी है। सरकार का यह कदम इसी दिशा में एक संतुलित प्रयास माना जा रहा है।
मुख्यमंत्री का यह निर्णय उपभोक्ताओं की शिकायतों को प्राथमिकता देने और व्यवस्था में पारदर्शिता सुनिश्चित करने की मंशा को दर्शाता है। अब सभी की नजरें अधिकारियों द्वारा पेश की जाने वाली रिपोर्ट पर टिकी हैं, जिसके आधार पर आगे की रणनीति तय होगी।



