जरोठी गौशाला की व्यवस्थाओं पर उठे सवाल, वायरल तस्वीरों के बाद जांच और कार्रवाई की मांग

हापुड़। जनपद की पंचायती जरोठी गौशाला एक बार फिर व्यवस्थाओं को लेकर चर्चा में है। सोशल मीडिया पर वायरल हो रही कुछ तस्वीरों और वीडियो के बाद गौशाला की देखरेख पर गंभीर सवाल खड़े किए जा रहे हैं। वायरल सामग्री में कई गायों को एक ही स्थान पर बंद अवस्था में दिखाया गया है, जिसके बाद स्थानीय लोगों ने गौशाला प्रबंधन पर लापरवाही के आरोप लगाए हैं। हालांकि, इन वायरल तस्वीरों और वीडियो की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है।
ग्रामीणों का आरोप है कि गौशाला में मौजूद पशुओं को पर्याप्त मात्रा में चारा और स्वच्छ पेयजल उपलब्ध नहीं कराया जा रहा है। उनका कहना है कि गौशाला के नाम पर पर्याप्त भूमि उपलब्ध है, जहां खेती भी की जाती है। इसके अलावा समय-समय पर दानदाताओं का सहयोग और उत्तर प्रदेश सरकार से गौशाला संचालन के लिए अनुदान भी प्राप्त होता है। इसके बावजूद यदि पशुओं की स्थिति खराब है तो यह गंभीर चिंता का विषय है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि गौशाला की बाहरी व्यवस्थाएं बेहतर दिखाई जाती हैं, लेकिन अंदर पशुओं की देखभाल, रखरखाव और सुविधाओं में कई कमियां हैं। उनका आरोप है कि गौवंश के संरक्षण और देखभाल के लिए मिलने वाले संसाधनों का समुचित उपयोग नहीं हो रहा है। ऐसे में पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर वास्तविक स्थिति सामने लाई जानी चाहिए।

ग्रामीणों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने जिलाधिकारी श्रीमती कविता मीणा से मामले का संज्ञान लेने की मांग की है। उन्होंने अनुरोध किया है कि पशुपालन विभाग और संबंधित अधिकारियों की संयुक्त टीम से गौशाला का निरीक्षण कराया जाए। यदि जांच में किसी प्रकार की अनियमितता, लापरवाही या वित्तीय गड़बड़ी सामने आती है तो जिम्मेदार अधिकारियों और प्रबंधन के खिलाफ नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाए।
स्थानीय लोगों का कहना है कि गौशालाओं का उद्देश्य निराश्रित गौवंश को सुरक्षित आश्रय, पर्याप्त भोजन और बेहतर देखभाल उपलब्ध कराना है। यदि इन मूल उद्देश्यों की अनदेखी होती है तो यह न केवल प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल खड़े करता है, बल्कि पशु कल्याण की भावना के भी विपरीत है।



