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धौलाना हिंसा मामले में कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल रोका गया, पुलिस प्रशासन पर लगाए गंभीर आरोप

(एडिटर इन चीफ राजकुमार शर्मा)

हापुड़। धौलाना हिंसा मामले को लेकर राजनीतिक माहौल गर्मा गया है। पीड़ित परिवारों और घायलों से मिलने जा रहे कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल को पुलिस प्रशासन द्वारा रास्ते में रोक दिए जाने के बाद कांग्रेस नेताओं ने प्रदेश सरकार और प्रशासन के खिलाफ जमकर नाराजगी जताई।

Rakesh Tyagi के नेतृत्व में कांग्रेस नेताओं ने Varun Mishra को ज्ञापन सौंपकर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और पीड़ित परिवारों को मुआवजा देने की मांग की।

कांग्रेस जिलाध्यक्ष राकेश त्यागी ने बताया कि 9 मई को Dehra Village में महाराणा प्रताप जयंती के अवसर पर निकाली गई शोभायात्रा के दौरान दो पक्षों में विवाद हो गया था, जिसने बाद में हिंसक रूप ले लिया। घटना में कई लोग घायल हुए थे।

उन्होंने आरोप लगाया कि घटना की वास्तविक स्थिति जानने और पीड़ित परिवारों से मिलने के लिए Uttar Pradesh Congress Committee द्वारा 25 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल भेजा गया था, लेकिन पुलिस प्रशासन ने बीच रास्ते में ही उन्हें रोक दिया।

कांग्रेस नेताओं के अनुसार, पुलिस से आगे जाने की अनुमति मांगने पर नोकझोंक और धक्का-मुक्की भी हुई। इसके बाद नेताओं ने विरोध प्रदर्शन करते हुए सरकार के खिलाफ नारेबाजी की।

Irfan Ahmad ने कहा कि कांग्रेस पार्टी हमेशा शोषित, वंचित और पीड़ित लोगों के साथ खड़ी रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार विपक्ष की आवाज दबाने का प्रयास कर रही है।

वहीं पूर्व शहर अध्यक्ष Dinesh Sharma ने कहा कि सरकार नहीं चाहती कि विपक्ष पीड़ित परिवारों तक पहुंचे। उन्होंने इसे लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन बताते हुए प्रशासन पर तानाशाही रवैया अपनाने का आरोप लगाया।

कांग्रेस नेताओं ने दावा किया कि कई पदाधिकारियों को पुलिस ने हाउस अरेस्ट भी किया।

इनमें Dinesh Kaushik, Syed Ayazuddin, Dr. Shoaib और अन्य नेता शामिल बताए गए हैं।

ज्ञापन सौंपने के दौरान बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद रहे। कांग्रेस नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि पीड़ितों को न्याय नहीं मिला तो पार्टी आगे भी आंदोलन जारी रखेगी।

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