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शनि जयंती 2026: शनि दोष से राहत पाने के लिए करें ये विशेष उपाय-ज्योतिर्विद पंडित सुबोध पाण्डेय

एडिटर इन चीफ राजकुमार शर्मा

हापुड़। शनि जयंती के अवसर पर Subodh Pandey ने शनि देव को प्रसन्न करने और शनि दोष से राहत पाने के लिए विशेष उपाय बताए हैं। उन्होंने जानकारी दी कि ज्येष्ठ माह की अमावस्या 16 मई 2026, शनिवार को सुबह 5:11 बजे से प्रारंभ होकर 17 मई को लगभग 1:30 बजे तक रहेगी। उदया तिथि के अनुसार शनि जयंती 16 मई को मनाई जाएगी।

शनि जयंती भगवान शनि के प्राकट्य दिवस के रूप में मनाई जाती है। धार्मिक मान्यता के अनुसार शनि देव सूर्य और छाया के पुत्र हैं तथा उन्हें न्याय और कर्मफल का देवता माना जाता है। ज्योतिष शास्त्र में शनि ग्रह का प्रभाव व्यक्ति के कर्मों के अनुसार फल देने वाला माना गया है।

Subodh Pandey ने बताया कि इस दिन श्रद्धा और विधि-विधान से पूजा करने पर शनि की कठोरता में कमी आती है तथा जीवन के कष्टों से राहत मिल सकती है। विशेष रूप से जिन लोगों की कुंडली में शनि की साढ़ेसाती, ढैया, महादशा या अन्य अशुभ प्रभाव चल रहे हों, उनके लिए यह दिन अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है।

महिला प्रदेशाध्यक्ष Preeti Pandey ने बताया कि शनि शांति के लिए शनि मृत्युंजय स्तोत्र, शनि कवच, वैदिक मंत्र जाप और हवन करवाना शुभ माना जाता है। यह अनुष्ठान शनि मंदिर, पीपल या शमी वृक्ष के पास, यमुना तट अथवा किसी पवित्र स्थान पर किया जा सकता है।

उन्होंने बताया कि बहते जल में कच्चा नारियल, काले तिल, उड़द और सतनजा प्रवाहित करना भी शनि दोष शांति के लिए लाभकारी माना जाता है। साथ ही Hanuman की पूजा विशेष फलदायी मानी गई है। सुंदरकांड पाठ, हनुमान चालीसा, संकटमोचन और हनुमान अष्टक का पाठ करने से भी शनि देव प्रसन्न होते हैं।

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस दिन काली गाय, काले कुत्ते, पक्षियों और चींटियों को भोजन कराना शुभ माना जाता है। काली गाय को तेल लगी रोटी और भीगे हुए काले चने खिलाने का विशेष महत्व बताया गया है।

इसके अलावा सरसों के तेल का छाया दान, काले वस्त्र, उड़द, तिल, लोहा और चप्पल दान करना भी शनि कृपा प्राप्ति के उपायों में शामिल है। ज्योतिषाचार्यों का कहना है कि श्रद्धा, संयम और सेवा भाव के साथ किए गए उपाय व्यक्ति के जीवन में सकारात्मक प्रभाव ला सकते हैं।

धार्मिक मान्यता है कि शनि जयंती पर सच्चे मन से पूजा-अर्चना करने से शनि देव की कृपा प्राप्त होती है और जीवन की बाधाओं में कमी आती है।

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