हाई कोर्ट स्टे के बावजूद बुलडोजर कार्रवाई? हापुड़ में सपा का बड़ा आरोप

ब्यूरो चीफ मोहम्मद इरफान की रिपोर्ट
हापुड़। बुलडोजर कार्रवाई को लेकर राजनीतिक माहौल गरमा गया है। Samajwadi Party के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने प्रशासन पर हाईकोर्ट के आदेश की अवमानना करने का गंभीर आरोप लगाया है। जिला कार्यालय पर आयोजित प्रेस वार्ता में पार्टी पदाधिकारियों ने प्रशासनिक कार्रवाई को “तानाशाही” करार देते हुए कोर्ट और मानवाधिकार आयोग तक जाने की चेतावनी दी।
प्रेस वार्ता के दौरान सैकड़ों कार्यकर्ता और पदाधिकारी मौजूद रहे। इस दौरान प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी भी हुई। कुछ कार्यकर्ताओं ने पुतला फूंकने की कोशिश की, लेकिन थाना प्रभारी निरीक्षक Manish Chauhan और उनकी पुलिस टीम ने स्थिति को नियंत्रित कर प्रयास विफल कर दिया।
जिला अध्यक्ष Anand Gurjar ने आरोप लगाया कि माननीय हाई कोर्ट द्वारा सुबह 10 बजे स्टे ऑर्डर जारी किए जाने के बावजूद प्रशासन ने बुलडोजर कार्रवाई की। उन्होंने कहा कि प्रशासन के वकील भी उस समय मौजूद थे, फिर भी कार्रवाई रोकी नहीं गई।
सपा नेताओं का आरोप है कि जिला उपाध्यक्ष Ayub Siddiqui को राजनीतिक और सामाजिक कारणों से निशाना बनाया गया। पार्टी का कहना है कि कार्रवाई के चलते उनके परिवार को रात सड़क पर गुजारनी पड़ी, जो अमानवीय है।
प्रेस वार्ता में राष्ट्रीय प्रवक्ता Sudhir Chauhan ने कहा कि पार्टी इस मामले को केवल अदालत तक सीमित नहीं रखेगी, बल्कि मानवाधिकार आयोग और धारा 156(3) के तहत भी कार्रवाई कराएगी। उन्होंने दावा किया कि बुलडोजर कार्रवाई की पूरी वीडियोग्राफी पार्टी के पास मौजूद है।
उन्होंने कहा कि जिन अधिकारियों और पुलिसकर्मियों ने कथित तौर पर कोर्ट आदेश के बावजूद कार्रवाई की, उन्हें कानूनी नोटिस भेजे जाएंगे। सपा नेताओं ने जिलाधिकारी, एडीएम, एसडीएम और तहसील प्रशासन पर भी गंभीर सवाल उठाए।
Samajwadi Party के पदाधिकारियों ने एक स्वर में कहा कि पार्टी सड़क से लेकर न्यायालय तक संघर्ष जारी रखेगी। वहीं प्रशासन की ओर से अभी तक इन आरोपों पर विस्तृत आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
घटना के बाद क्षेत्र में राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। स्थानीय स्तर पर इस मामले को लेकर चर्चा का माहौल बना हुआ है और विपक्षी दल भी प्रशासनिक कार्रवाई पर सवाल उठा रहे हैं।



