मौसम का यू-टर्न: 9 राज्यों में बारिश और आंधी का ‘ऑरेंज अलर्ट’, कड़ाके की ठंड के बीच नया संकट

भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने उत्तर भारत के 9 राज्यों में 22 से 25 जनवरी 2026 के बीच मौसम के बिगड़ने की गंभीर चेतावनी जारी की है। सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) के प्रभाव से पंजाब, हरियाणा, राजस्थान, दिल्ली और उत्तर प्रदेश सहित कई राज्यों में भारी बारिश, गरज-चमक और 40 किमी/घंटा की रफ्तार से तेज हवाएं चलने का अनुमान है। पहाड़ों पर, विशेषकर जम्मू-कश्मीर और हिमाचल प्रदेश में 23 जनवरी को भारी बर्फबारी का ‘ऑरेंज अलर्ट’ है। बारिश और ठंडी हवाओं के इस मेल से न्यूनतम तापमान में और गिरावट आएगी, जिससे ठिठुरन भरी ठंड (Cold Wave) का प्रकोप अगले एक हफ्ते तक बने रहने की आशंका है।
इस बेमौसम बारिश का सबसे व्यापक असर यातायात और कृषि पर पड़ने की संभावना है। घने कोहरे और बारिश के कारण दिल्ली-एनसीआर में दृश्यता शून्य के करीब पहुँच सकती है, जिससे उड़ानों और रेल सेवाओं में भारी देरी होने का डर है। कृषि विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि ओलावृष्टि (Hailstorm) होने पर सरसों और गेहूं की तैयार फसलों को भारी नुकसान पहुँच सकता है। प्रशासन ने किसानों को सलाह दी है कि वे कटाई और सिंचाई के कार्यों को फिलहाल टाल दें। दिल्ली में 23 जनवरी को “काफी व्यापक” (Fairly Widespread) बारिश का अनुमान है, जो शहर की सड़कों पर जलभराव और ट्रैफिक जाम की स्थिति पैदा कर सकती है।
बारिश के बाद हवा के साफ होने की उम्मीद तो है, लेकिन ‘गलन’ बढ़ने से स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं बढ़ सकती हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, बारिश के बाद चलने वाली बर्फीली हवाएं ‘कोल्ड डे’ (Cold Day) जैसी स्थिति पैदा करेंगी, जहाँ दिन का अधिकतम तापमान सामान्य से 5-6 डिग्री कम रह सकता है। स्वास्थ्य विभाग ने बुजुर्गों और बच्चों को विशेष सावधानी बरतने और गीलेपन से बचने की सलाह दी है। उत्तर प्रदेश के पश्चिमी जिलों जैसे मेरठ, हापुड़ और बागपत में 24 जनवरी तक हल्की से मध्यम बारिश जारी रहने का अनुमान है। मौसम विभाग ने स्पष्ट किया है कि यह जनवरी के महीने का सबसे तीव्र मौसमी बदलाव हो सकता है, जिसके लिए सभी को ‘अलर्ट’ मोड पर रहना चाहिए।



