7 करोड़ की जमीन… रातोंरात हुआ बड़ा खेला! शक के घेरे में बड़े अधिकारी

हापुड़। सेना के पड़ाव की 696 वर्ग गज जमीन, जिसकी वर्तमान कीमत करीब 7 करोड़ रुपये है, पर कब्जे का मामला सामने आया है। आरोप है कि कब्जाधारियों ने सरकारी मशीनरी से मिलीभगत कर इस जमीन पर कब्जा किया। सूत्रों के अनुसार, नगरपालिका और सर्किल पुलिस अधिकारियों को पांच-पांच लाख रुपये की रिश्वत देकर यह अवैध कब्जा किया गया।
भूमाफिया की नजरें वर्षों से सेना की जमीन पर
सेना के पड़ाव की यह जमीन लंबे समय से भूमाफिया के निशाने पर थी। अब तक इस जमीन पर कब्जे की कई कोशिशें हो चुकी हैं, लेकिन प्रशासन और सेना की ओर से कोई ठोस सुरक्षा इंतजाम नहीं किए गए।
22 हजार वर्ग मीटर जमीन अब भी शेष
रिकॉर्ड के अनुसार, सेना की करीब 30 एकड़ जमीन पहले ही राष्ट्रपति के आदेश से बेची जा चुकी है, जबकि 5.5 एकड़ (लगभग 22 हजार वर्ग मीटर) जमीन अब भी शेष है।
प्रॉपर्टी डीलर ने कराया सौदा, स्टे लेने की थी प्लानिंग
सेना के इस क्षेत्र में प्रॉपर्टी की कीमत 1 से 1.5 लाख रुपये प्रति वर्ग गज है। इसी कारण भूमाफिया इस महंगी जमीन पर कब्जा करने के लिए हरसंभव प्रयास कर रहे थे। सूत्रों के मुताबिक, एक दलाल ने इस जमीन का सौदा कराया और पूरी प्लानिंग तैयार की।
रिश्वत देकर कब्जा, फिर स्टे लेने की थी साजिश
सूत्र बताते हैं कि कब्जाधारियों ने नगरपालिका और पुलिस अधिकारियों को 5-5 लाख रुपये की रिश्वत दी थी। उनकी योजना थी कि पहले जमीन पर कब्जा कर लिया जाए और फिर कोर्ट से स्टे ले लिया जाए, जिससे प्रशासन इसमें हस्तक्षेप न कर सके।
पुलिस पर संरक्षण देने के आरोप
चर्चा है कि जब कब्जा किया जा रहा था, तब पुलिस कब्जाधारियों को संरक्षण दे रही थी। हालांकि, जब इस घटना की शिकायत लखनऊ और जिले के उच्चाधिकारियों से की गई, तो तुरंत कार्रवाई हुई।
एसपी ने आरोपों को बताया निराधार
एसपी ज्ञानंजय सिंह ने कहा कि पुलिस ने रात में ही काम रुकवा दिया था। लगाए जा रहे आरोप निराधार हैं। उन्होंने साफ कहा कि सरकारी जमीन पर किसी भी हाल में कब्जा नहीं होने दिया जाएगा।