अलीगढ़ में होली और जुमे की नमाज को लेकर बढ़ी सुरक्षा, मस्जिदों के बाहर रहेगा कड़ा पहरा

अलीगढ़, जो अपनी शिक्षा और तालों के लिए प्रसिद्ध है, इस बार होली और जुमे की नमाज एक ही दिन पड़ने के कारण चर्चा में है। संभावित सुरक्षा चुनौतियों को देखते हुए प्रशासन ने विशेष सतर्कता बरतने का फैसला किया है। पूरे शहर को 9 सेक्टरों में विभाजित किया गया है, जहां प्रत्येक सेक्टर की जिम्मेदारी एक सेक्टर मजिस्ट्रेट को सौंपी गई है। इसके अलावा, पीएसी (प्रोविंशियल आर्म्ड कांस्टेबुलरी) के जवानों की भी तैनाती की जा रही है ताकि किसी भी अप्रिय घटना को रोका जा सके।
सुरक्षा व्यवस्था के पुख्ता इंतजाम
अलीगढ़ संवेदनशील जिलों में शामिल है, जहां दो बड़े आयोजन एक ही दिन पड़ने से प्रशासन हाई अलर्ट पर है। शासन के आदेशानुसार, संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त पुलिस बल और पीएसी के जवानों की तैनाती की गई है। प्रत्येक सेक्टर में तैनात सेक्टर मजिस्ट्रेट हालात पर नजर रखेंगे और किसी भी स्थिति में तत्काल निर्णय ले सकेंगे।
ड्रोन और सीसीटीवी से होगी निगरानी
शहर के प्रमुख चौराहों, मस्जिदों और संवेदनशील इलाकों में ड्रोन कैमरों और सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से कड़ी निगरानी रखी जाएगी। इसके अलावा, प्रशासन और पुलिस ने पीस कमेटी (शांति समिति) के साथ कई बैठकें की हैं, जिनमें आम जनता, धार्मिक नेता और समाजसेवी शामिल हुए। इन बैठकों में सभी से शांति और सौहार्द बनाए रखने की अपील की गई है।
यातायात डायवर्जन और विशेष सुरक्षा इंतजाम
- होली के अवसर पर यातायात प्रभावित न हो, इसके लिए प्रमुख मार्गों पर डायवर्जन लागू किया जाएगा।
- जुमे की नमाज के दौरान मस्जिदों के आसपास विशेष सुरक्षा व्यवस्था की जाएगी।
- संवेदनशील मस्जिदों के बाहर मजिस्ट्रेट और पुलिस बल की तैनाती रहेगी।
- जरूरत के अनुसार मस्जिदों को तिरपाल से ढकने की व्यवस्था भी की गई है।
प्रशासन की अपील
एडीएम सिटी ने कहा, “होली और रमजान दोनों के मद्देनजर प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। शहर को 9 सेक्टरों में विभाजित किया गया है और प्रत्येक सेक्टर में सेक्टर मजिस्ट्रेट तैनात किए गए हैं। पुलिस बल के साथ पीएसी के जवान भी संवेदनशील क्षेत्रों में तैनात रहेंगे। सभी समुदायों से शांति और सौहार्द बनाए रखने की अपील की गई है।”
पिछले वर्षों में असामाजिक तत्वों द्वारा उपद्रव की घटनाएं सामने आई थीं। इन्हीं घटनाओं से सबक लेते हुए इस बार प्रशासन किसी भी तरह की चूक नहीं चाहता और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर बेहद गंभीर रुख अपनाया गया है।