गाजियाबाद में ई-रिक्शा पर सख्ती: बिना QR कोड वाले वाहनों के संचालन पर आज से रोक

गाजियाबाद शहर की यातायात व्यवस्था को सुव्यवस्थित करने और सुरक्षा मानकों को पुख्ता करने के उद्देश्य से जिला प्रशासन और परिवहन विभाग ने आज से एक कड़ा फैसला लागू किया है। अब शहर की सड़कों पर केवल वही ई-रिक्शा चल सकेंगे, जिन पर प्रशासन द्वारा जारी आधिकारिक QR कोड लगा होगा। बिना क्यूआर कोड और बिना वैध पंजीकरण के ई-रिक्शा चलाने पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगा दिया गया है। इस नई व्यवस्था का मुख्य लक्ष्य शहर के विभिन्न रूटों पर अवैध रूप से चल रहे रिक्शाओं की पहचान करना और आए दिन होने वाले ट्रैफिक जाम की समस्या से निजात पाना है। पुलिस और आरटीओ की संयुक्त टीमों को मुख्य चौराहों पर तैनात किया गया है ताकि आदेश का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई की जा सके।
इस नई नीति के तहत, प्रत्येक ई-रिक्शा चालक के लिए पंजीकरण (Registration) कराना अनिवार्य कर दिया गया है। क्यूआर कोड में रिक्शा के मालिक का नाम, मोबाइल नंबर, चेसिस नंबर और चालक का पूरा विवरण दर्ज होगा। इसे रिक्शा के आगे और पीछे के हिस्से पर चस्पा करना होगा ताकि यात्री और ट्रैफिक पुलिस आसानी से उसे स्कैन कर सकें। इस डिजिटल पहल से न केवल वाहन चोरी की घटनाओं पर लगाम लगेगी, बल्कि किसी भी अनहोनी या छेड़छाड़ की स्थिति में चालक की पहचान तुरंत की जा सकेगी। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जिन चालकों ने अभी तक अपना विवरण अपडेट नहीं कराया है, उनके वाहन जब्त कर लिए जाएंगे और उन पर भारी जुर्माना भी लगाया जाएगा।
यातायात विशेषज्ञों ने सरकार के इस कदम की सराहना की है, क्योंकि गाजियाबाद के लोनी, साहिबाबाद और कौशाम्बी जैसे इलाकों में ई-रिक्शा की अनियंत्रित संख्या बड़ी चुनौती बन गई थी। अब क्यूआर कोड के माध्यम से इन रिक्शाओं को विशिष्ट रूट (Dedicated Routes) आवंटित किए जाएंगे, जिससे एक ही मार्ग पर वाहनों का अत्यधिक दबाव कम होगा। यह व्यवस्था न केवल यात्रियों के लिए सफर को सुरक्षित बनाएगी, बल्कि प्रमाणित ई-रिक्शा चालकों को भी एक संगठित पहचान दिलाएगी। प्रशासन ने रिक्शा यूनियन के साथ मिलकर कई कैंप भी लगाए हैं ताकि अंतिम समय में पंजीकरण की प्रक्रिया को पूरा किया जा सके। भविष्य में इस डेटाबेस को ‘स्मार्ट सिटी’ प्रोजेक्ट के साथ जोड़ने की भी योजना है।



