हापुड़

गढ़मुक्तेश्वर: जिलाधिकारी अभिषेक पांडेय ने बृजघाट बाढ़ग्रस्त क्षेत्र का किया निरीक्षण, पीड़ितों को राशन किट वितरित

हापुड़ जनपद के गढ़मुक्तेश्वर क्षेत्र में गंगा नदी के जलस्तर में लगातार वृद्धि के कारण बृजघाट और आसपास के क्षेत्रों में बाढ़ जैसी स्थिति बनी हुई है। प्रशासनिक स्तर पर राहत और बचाव कार्यों को तेज कर दिया गया है। इसी क्रम में जिलाधिकारी अभिषेक पांडेय ने सोमवार को बृजघाट गंगानगर स्थित बाढ़ग्रस्त क्षेत्रों का स्थल निरीक्षण किया।

निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने बाढ़ से प्रभावित परिवारों की स्थिति का जायजा लिया और वहां मौजूद अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने विशेष रूप से यह सुनिश्चित करने पर जोर दिया कि प्रभावित लोगों को समय पर भोजन, स्वच्छ पेयजल और चिकित्सीय सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं। जिलाधिकारी ने मौके पर मौजूद उप जिलाधिकारी (एसडीएम) को निर्देश दिए कि बाढ़ क्षेत्र में फंसे या प्रभावित लोगों के लिए सामुदायिक रसोई की व्यवस्था की जाए, ताकि किसी भी परिवार को भोजन की कमी न हो।

निरीक्षण के दौरान बाढ़ पीड़ितों को राहत सामग्री के रूप में राशन किट का वितरण भी किया गया। इन राशन किटों में आटा, चावल, दाल, तेल, नमक और अन्य आवश्यक खाद्य सामग्री शामिल थी। जिलाधिकारी ने स्वयं कई परिवारों को राशन किट सौंपी और उनकी समस्याएं सुनीं। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन हर प्रभावित परिवार के साथ खड़ा है और जरूरत के अनुसार हर संभव मदद उपलब्ध कराई जाएगी।

इसके अलावा उन्होंने स्वास्थ्य विभाग की टीमों को बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में लगातार चिकित्सा शिविर लगाने के निर्देश दिए, ताकि पानी से फैलने वाली बीमारियों पर समय रहते नियंत्रण पाया जा सके। उन्होंने बाढ़ क्षेत्र में सफाई व्यवस्था और मच्छरनाशक दवाओं के छिड़काव पर भी विशेष ध्यान देने को कहा।

जिलाधिकारी के साथ मौके पर राजस्व विभाग, स्वास्थ्य विभाग, आपदा प्रबंधन टीम और स्थानीय प्रशासन के अधिकारी मौजूद रहे। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और आवश्यकता पड़ने पर तुरंत हेल्पलाइन नंबर पर संपर्क करें।

गढ़मुक्तेश्वर के बृजघाट क्षेत्र में बाढ़ की स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने निचले इलाकों के निवासियों को सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी है और इसके लिए राहत शिविर भी तैयार किए गए हैं। जिला प्रशासन का कहना है कि स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और जलस्तर में किसी भी तरह की वृद्धि पर तुरंत कार्रवाई की जाएगी

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