गाजियाबाद के विकास को मिलेगी रफ्तार, 61 गांवों का बदलेगा भविष्य; GDA की बैठक में 11 प्रस्तावों को मिली मंजूरी

गाजियाबाद विकास प्राधिकरण (जीडीए) की 168वीं बोर्ड बैठक में कुल 20 में से 11 प्रस्तावों पर मुहर लगाई गई। बैठक में दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे (डीएमई) और ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे (ईपीई) के किनारे स्थित 61 गांवों को जीडीए के दायरे में लाने की मंजूरी दी गई। अब इन गांवों का विकास गाजियाबाद विकास प्राधिकरण द्वारा किया जाएगा।
61 गांव होंगे जीडीए के दायरे में
वर्तमान में ये सभी गांव जिला पंचायत क्षेत्र के अंतर्गत आते हैं, लेकिन अब इन्हें जीडीए के अंतर्गत लाया जाएगा। मेरठ मंडलायुक्त एवं जीडीए बोर्ड अध्यक्ष ऋषिकेश भास्कर यशोद की अध्यक्षता में मेरठ मंडलायुक्त कार्यालय में हुई बैठक में इस प्रस्ताव को मंजूरी दी गई। डीएमई और ईपीई के किनारे 500-500 मीटर के दायरे में आने वाले इन 61 गांवों में 29 गांव ईपीई के और 32 गांव डीएमई के किनारे स्थित हैं।
यह प्रस्ताव अब एनसीआर प्लानिंग बोर्ड और फिर शासन के पास भेजा जाएगा। अधिसूचना जारी होने के बाद जीडीए इन गांवों का नियोजित विकास करेगा।
हापुड़-पिलखुआ के 16 गांवों पर विचार जारी
बैठक में हापुड़-पिलखुआ विकास प्राधिकरण क्षेत्र के 16 गांवों को जीडीए में शामिल करने का प्रस्ताव भी रखा गया, लेकिन इस पर तत्काल निर्णय नहीं लिया गया। इसके लिए चार सदस्यीय समिति गठित की गई है, जो विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर आगामी बोर्ड बैठक में पेश करेगी।
बोर्ड बैठक में पास हुए प्रमुख प्रस्ताव
- इंदिरापुरम में 6,000 वर्ग मीटर के मल्टीप्लेक्स भूखंड पर होटल निर्माण को मंजूरी।
- यूपी सैनिक कल्याण निगम लिमिटेड से भूतपूर्व सैनिक, होमगार्ड और पीआरडी की सेवाएं लेने का प्रस्ताव पास।
- ग्रीन बेल्ट क्षेत्र में पेट्रोल पंप की अनुमति को स्वीकृति।
- बेसमेंट में शौचालय निर्माण की अनुमति।
- जीडीए के पैनल में वकीलों के पारिश्रमिक की दरें तय करने का प्रस्ताव पारित।
GDA का 2,623 करोड़ का बजट पास
वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए जीडीए बोर्ड ने 2,623 करोड़ रुपये के बजट को मंजूरी दी। अनुमानित खर्च 2,132 करोड़ रुपये रखा गया है। जीडीए की संपत्ति बिक्री और मैपिंग से नियमित आय हो रही है।
इस साल आयकर विभाग से 450 करोड़ रुपये, हरनंदीपुरम से 400 करोड़ रुपये और स्टांप ड्यूटी से 200 करोड़ रुपये की अतिरिक्त आय होने की संभावना है।
रिक्त फ्लैटों की कीमत एक साल तक स्थिर
जीडीए की विभिन्न योजनाओं में उपलब्ध 1,531 रिक्त फ्लैटों को “पहले आओ, पहले पाओ” के आधार पर बेचा जाएगा। 31 मार्च 2026 तक इनकी कीमतों में कोई बदलाव नहीं होगा।
फ्लैटों की स्थिति:
- मधुबन बापूधाम: सी पॉकेट में 312 टू और थ्री बीएचके, एफ पॉकेट में 231 फ्लैट।
- कोयल एन्क्लेव: 155 वन बीएचके और 466 टू बीएचके।
- इंद्रप्रस्थ: 83 वन बीएचके और 259 टू बीएचके।
- संजयपुरी: 25 ईडब्ल्यूएस फ्लैट।
तुलसी निकेतन के जर्जर भवन होंगे ध्वस्त
बैठक में तुलसी निकेतन के जर्जर भवनों को ध्वस्त कर नई बहुमंजिला इमारत बनाने का प्रस्ताव पास हुआ। जीडीए अब नगर निगम और डूडा के साथ मिलकर निवासियों का सर्वे कर पुनर्विकास योजना तैयार करेगा।
मधुबन बापूधाम में डेढ़ दशक बाद मिलेगा भूखंड
मधुबन बापूधाम योजना के तहत 647 प्रभावित किसानों को भूखंड आवंटित किए जाएंगे। किसानों को 10,236 रुपये प्रति वर्ग मीटर की दर से विकास शुल्क चुकाना होगा।
गाजियाबाद के विकास को नई गति देने के लिए जीडीए ने इन प्रस्तावों को पास कर एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है, जिससे आने वाले वर्षों में शहर की तस्वीर बदल सकती है।