सेना की जमीन पर अवैध कब्जा करने वालों पर गिरेगी गाज, पुलिस जांच में सामने आएंगे बड़े खुलासे

हापुड़। उत्तर प्रदेश के हापुड़ में नगर के फ्रीगंज रोड स्थित सेना के पड़ाव की 696 वर्ग गज जमीन पर कब्जा करने के मामले में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। एसपी ज्ञानंजय सिंह के आदेश पर सीओ सिटी जितेंद्र शर्मा के निर्देशन में मामले की जांच होगी। इस जांच में कब्जाधारियों से जुड़े कई राज उजागर हो सकते हैं, जिसके बाद अन्य संलिप्त लोगों पर भी कार्रवाई की गाज गिर सकती है।
सेना की जमीन पर कब्जे की साजिश
फ्रीगंज रोड पर करोड़ों रुपये की कीमत वाली सेना की जमीन पर भूमाफिया लंबे समय से कब्जा करने की फिराक में थे। बार-बार कब्जे के प्रयासों के बावजूद सेना की ओर से इस जमीन की सुरक्षा के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाए गए। यहां तक कि चारदीवारी या तारबंदी भी नहीं कराई गई थी, जिससे अतिक्रमण की कोशिशें लगातार जारी थीं।
रेडीमेड चारदीवारी बनाकर किया कब्जा
सरकारी रिपोर्ट के अनुसार, सेना की करीब 30 एकड़ जमीन राष्ट्रपति के आदेश से पहले ही बेची जा चुकी है, जबकि 5.5 एकड़ यानी करीब 22 हजार वर्ग मीटर जमीन अब भी शेष है। शुक्रवार देर रात मेरठ जिले के थाना टीपी नगर क्षेत्र के गगन विहार निवासी अभिषेक त्यागी और अन्य लोगों ने सेना की 696 वर्ग गज जमीन पर रेडीमेड चारदीवारी बनाकर कब्जा कर लिया।
सरकारी मशीनरी की मिलीभगत पर उठे सवाल
मामले में सरकारी मशीनरी की मिलीभगत की चर्चा भी जोरों पर है। सूत्रों के मुताबिक, कब्जे की सूचना मिलने पर एसडीएम सदर ईला प्रकाश और सीओ सिटी जितेंद्र शर्मा के मौके पर पहुंचने से पहले ही कब्जाधारियों को सरकारी मशीनरी से राहत देने की कोशिश की जा रही थी। कथित रूप से उन्हें कुछ दिन की मोहलत देने की बात चल रही थी, लेकिन अधिकारियों के सख्त रुख के चलते बुलडोजर चलवाकर चारदीवारी को ध्वस्त कर दिया गया।
जांच में सामने आएंगे बड़े खुलासे
इस मामले में पुलिस ने अभिषेक त्यागी और कुछ अज्ञात लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की है। अब जांच से यह साफ होगा कि कब्जे की इस साजिश में कौन-कौन शामिल थे। इसके अलावा, यह भी जांच की जा रही है कि कब्जाधारियों के पास जमीन के जो दस्तावेज हैं, वे असली हैं या फिर फर्जी तरीके से तैयार किए गए हैं। पुलिस की रिपोर्ट से इस पूरे मामले की सच्चाई सामने आने की उम्मीद है।